जोगी कुआँ धाम बैकुंठ–बहेसर में एक दिवसीय संत समागम सतनाम सत्संग का भव्य आयोजन 24 अक्टूबर को

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जोगी कुआँ धाम बैकुंठ–बहेसर में एक दिवसीय संत समागम सतनाम सत्संग का भव्य आयोजन 24 अक्टूबर को

बैकुंठ-बहेसर (तिल्दा नेवरा)। धर्मगुरु बालकदास सतनाम सेवा समिति, जोगी कुआँ धाम बैकुंठ–बहेसर तथा सतनाम सत्संग समिति, नागपुर (महाराष्ट्र) के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय संत समागम एवं सतनाम सत्संग कार्यक्रम का आयोजन आगामी 24 अक्टूबर 2025 (शुक्रवार) को किया जा रहा है। यह भव्य आयोजन जोगी कुआँ धाम मंदिर परिसर प्रांगण में संपन्न होगा।

कार्यक्रम में तिल्दा-नेवरा परिक्षेत्र सहित आसपास के ग्रामों से सतनामी समाज के भंडारी, साटीदार, समाज प्रमुख, साधु-संत, मंहत, राजमहंत, महिला एवं पुरुष श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होंगे। आयोजन का उद्देश्य समाज में संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी महाराज के बताए गए सत्य, अहिंसा, समानता और मानवता के मूल संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है।

कार्यक्रम के दौरान संतजनों द्वारा बाबा गुरु घासीदास जी के अनमोल सार संदेश एवं अमृत वाणी पर प्रवचन दिए जाएंगे। समाज के अग्रणी वक्ताओं द्वारा यह संदेश भी दिया जाएगा कि बाबा जी के बताए हुए मार्ग — “सत्य बोलो, मद मत पियो, मांस मत खाओ, झूठ मत बोलो” — पर चलकर मनुष्य अपने जीवन के दुःख, कष्ट एवं परेशानियों को दूर कर सकता है।

इस एकदिवसीय सत्संग में भजन-कीर्तन, प्रवचन, सामूहिक प्रार्थना तथा सामाजिक एकता संदेश से जुड़ी विभिन्न प्रस्तुतियाँ आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं के लिए सामूहिक भंडारा (प्रसादी वितरण) की व्यवस्था भी की गई है।

समिति के अध्यक्ष श्री दिनेश गायकवाड (अधिवक्ता), जो भाजपा तिल्दा ग्रामीण के महामंत्री भी हैं, ने बताया कि यह आयोजन समाज में सतनाम धर्म की महान परंपरा एवं बाबा गुरु घासीदास जी के आदर्शों को जनमानस में पुनः जागृत करने का प्रयास है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से आग्रह किया है कि वे इस संत समागम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर सतनाम संदेश को आत्मसात करें।

कार्यक्रम को लेकर स्थानीय स्तर पर तैयारियाँ जोरों पर हैं। जोगी कुआँ धाम परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है, वहीं विभिन्न समाजिक समितियाँ व्यवस्था को सफल बनाने में जुटी हैं।




🕉️ “मनखे मनखे एक समान” — बाबा गुरु घासीदास जी का संदेश इस समागम का मूल सूत्र रहेगा।

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