
जयनगर थाने में बवाल: युवक की मौत के बाद उग्र ग्रामीणों का प्रदर्शन, पथराव और तोड़फोड़, कई पुलिसकर्मी घायल
सूरजपुर, छत्तीसगढ़ | 20 अक्टूबर 2025:
जिले के जयनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत कुंजनगर गांव में जुआ खेलते कुछ लोगों पर कार्रवाई करने गई पुलिस टीम की कार्रवाई के बाद हालात बेकाबू हो गए। पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान एक 22 वर्षीय युवक बाबूलाल की मौत कुएं में गिरने से हो गई, जिसके बाद ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने थाने में जमकर बवाल किया, पथराव किया और पुलिस पर हमला बोल दिया, जिससे एडिशनल एसपी समेत कुल छह पुलिसकर्मी घायल हो गए।
घटना की पृष्ठभूमि
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार की शाम जयनगर पुलिस टीम जुआरियों के खिलाफ कार्रवाई करने कुंजनगर गांव पहुंची थी। पुलिस की दबिश के दौरान 22 वर्षीय बाबूलाल पुलिस के डर से भागते हुए एक गहरे कुएं में गिर गया। कुएं में गिरने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि बाबूलाल को गिरते देख पुलिसकर्मी उसे बचाने की जगह घटनास्थल से भाग खड़े हुए, जिससे मृतक की समय पर मदद नहीं हो सकी। घटना की जानकारी जब बाबूलाल के परिजनों और गांव वालों को हुई, तो उनमें आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण जयनगर थाने पहुंच गए और उग्र प्रदर्शन करने लगे।
थाने में पथराव और हिंसा
उग्र ग्रामीणों ने थाने में पथराव कर दिया और पटाखे फोड़ते हुए जमकर तोड़फोड़ की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा और लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान एडिशनल एसपी समेत छह पुलिसकर्मी घायल हो गए, वहीं एक ग्रामीण महिला सहित कुछ अन्य ग्रामीण भी झड़प में घायल हुए। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए विश्रामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गंभीर रूप से घायल एक एएसआई को अंबिकापुर रेफर किया गया है।
ग्रामीणों की मांगें और सड़क जाम
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। मृतक बाबूलाल के परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा अब भी शांत नहीं हुआ है। सोमवार सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। उनकी प्रमुख मांग है कि जुआ पकड़ने गई पांच पुलिसकर्मियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए और उन पर सख्त कार्रवाई हो। इसके साथ ही मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की भी मांग की जा रही है।
प्रशासन के प्रयास और हालात
स्थिति को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय नेताओं द्वारा ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया गया। मंत्री प्रतिनिधि ठाकुर राजवाड़े ने मौके पर पहुंचकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन प्रदर्शनकारियों का गुस्सा कम होता नहीं दिख रहा है। हालात को नियंत्रण में लाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और पुलिस लगातार शांति बनाए रखने की अपील कर रही है।
फिलहाल स्थिति संवेदनशील
घटना के बाद जयनगर थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। पुलिस और प्रशासनिक अमला स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है। अधिकारियों के अनुसार मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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यह घटना न सिर्फ प्रशासन और पुलिस के कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि ग्रामीणों और आम नागरिकों के बीच गहरी नाराजगी को भी उजागर करती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेकर न्याय सुनिश्चित करता है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था कब तक बहाल होती है।

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
