
छत्तीसगढ़ में भारी से अधिक भारी बारिश की चेतावनी, कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी
छत्तीसगढ़ में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, गंगीय पश्चिम बंगाल, और उत्तर ओडिशा के आसपास बने निम्न दबाव क्षेत्र का असर अब छत्तीसगढ़ में तेज़ी से देखा जा रहा है। इसी को देखते हुए भारत मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों में भारी से अधिक भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट और कुछ क्षेत्रों में येलो अलर्ट जारी किया है।

🌧️ ऑरेंज अलर्ट (भारी से ज्यादा भारी बारिश का खतरा)
अगले 24 घंटों के दौरान इन जिलों में गरज-चमक और भारी से अत्यधिक बारिश हो सकती है:
रायगढ़
सारंगढ़-बिलाईगढ़
सक्ती
कोरबा
जांजगीर-चांपा
रायपुर
बलोदाबाजार
गरियाबंद
धमतरी
महासमुंद
दुर्ग
बालोद
राजनांदगांव
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी
कोंडागांव
कांकेर
> ⚠️ इन जिलों में कुछ जगहों पर वज्रपात (आकाशीय बिजली) की भी आशंका है।
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🌩️ येलो अलर्ट (तेज बारिश, गरज-चमक, झंझावात की संभावना)
इन जिलों में तेज़ हवाएं और मध्यम से भारी बारिश हो सकती है:
कोरिया
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
बिलासपुर
बेमेतरा
कबीरधाम
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई
बस्तर
दंतेवाड़ा
सुकमा
बीजापुर
नारायणपुर
प्रदेश में कहां कितना बरसा पानी जानें
मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटों में प्रदेश के बलौदाबाजार भाटापारा जिले में सबसे ज्यादा 179.6 मिमी बारिश रिकार्ड किया गया है। वहीं सांरगढ़-बिलाईगढ़ में 146 मिमी, जांजगीर-चांपा में 134.2 मिमी, सक्ती में 100.6 मिमी, रायगढ़ में 91.7 मिमी, गरियाबंद में 69.4 मिमी, धमतरी में 19.1 मिमी, रायपुर में 38.8 मिमी, बिलासपुर में 23 मिमी, बलरामपुर-रामानुजगंज में 52.2 मिमी, सूरजपुर में 48 मिमी, कोरबा में 40.6 मिमी, बस्तर में 27 मिमी, दंतेवाड़ा में 22.7 मिमी, बीजापुर में 22 मिमी, सुकमा में 51 मिमी बारिश रिकार्ड किया गया है।
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📅 कल, 25 सितंबर का पूर्वानुमान
कांकेर, बीजापुर, नारायणपुर में फिर ऑरेंज अलर्ट – गरज चमक और भारी बारिश के साथ वज्रपात की आशंका।
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी – येलो अलर्ट जारी।
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🌊 आने वाले दिनों में और भी बारिश संभव
IMD के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में एक और नया सिस्टम सक्रिय होने वाला है, जिसका प्रभाव भी छत्तीसगढ़ में देखने को मिलेगा। यानी बारिश का दौर अभी थमने वाला नहीं है।
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🛑 सावधानियां:
बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में खुले में ना रहें।
भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव और भूस्खलन जैसी घटनाएं हो सकती हैं।
किसान, यात्री और स्थानीय प्रशासन मौसम के अपडेट पर नजर रखें।


Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
