
छत्तीसगढ़ के स्कूलों में लागू होगा गुजरात मॉडल: शिक्षा व्यवस्था में होंगे बड़े बदलाव
तिल्दा टाइम्स | CG न्यूज़ | 19 सितंबर 2025
छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था में एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है। राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने हाल ही में गुजरात दौरे के बाद शिक्षा में “गुजरात मॉडल” को छत्तीसगढ़ में लागू करने की घोषणा की है। यह फैसला राज्य में शैक्षणिक गुणवत्ता को सुधारने और शिक्षा तंत्र को अधिक पारदर्शी व परिणामोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

📍 गुजरात मॉडल से क्या सीखा गया?
मंत्री यादव ने गुजरात प्रवास के दौरान गांधीनगर स्थित विद्या समीक्षा केंद्र का दौरा किया, जहां उन्होंने तकनीक आधारित शिक्षा निगरानी प्रणाली का अध्ययन किया। उन्होंने बताया कि:
गुजरात में स्कूलों की निगरानी के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाता है।
छात्र और शिक्षक दोनों की उपस्थिति रियल टाइम में ट्रैक की जाती है।
मिड-डे मील योजना की भी डिजिटल मॉनिटरिंग की जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।
शिक्षा की गुणवत्ता और प्रशासनिक दक्षता में तकनीक के उपयोग से उल्लेखनीय सुधार देखा गया है।
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📌 छत्तीसगढ़ में होंगे ये बड़े बदलाव
गुजरात मॉडल से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए सरकार ने कई अहम कदमों की घोषणा की है:
1️⃣ ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम लागू होगा
अब स्कूलों में पढ़ाई, उपस्थिति, मिड-डे मील वितरण आदि की निगरानी ऑनलाइन माध्यम से की जाएगी। इसके लिए पहले से मौजूद मोबाइल एप्लिकेशन को और अधिक उन्नत किया जाएगा।
2️⃣ शिक्षकों व छात्रों की उपस्थिति ट्रैकिंग
डिजिटल प्रणाली के माध्यम से शिक्षक और छात्रों की उपस्थिति को वास्तविक समय में रिकॉर्ड किया जाएगा, जिससे शिक्षकों की नियमितता सुनिश्चित की जा सके।
3️⃣ मिड-डे मील की रीयल टाइम निगरानी
अब दोपहर के भोजन की आपूर्ति और गुणवत्ता की निगरानी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जाएगी। इससे बच्चों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलना सुनिश्चित होगा।
4️⃣ शैक्षणिक गतिविधियों की निरंतर समीक्षा
शिक्षण कार्यों की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए निरंतर अकादमिक समीक्षा की जाएगी। स्कूलों में होने वाली हर शैक्षणिक गतिविधि की रिपोर्टिंग डिजिटल प्लेटफॉर्म पर की जाएगी।
5️⃣ डेटा आधारित निर्णय प्रणाली
राज्य में शिक्षा को अब डेटा ड्रिवन (Data Driven) और परिणाम केंद्रित (Outcome Oriented) बनाने की दिशा में काम किया जाएगा, जिससे योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित न रहकर जमीन पर दिखाई दें।
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🎙️ मंत्री गजेंद्र यादव का बयान
> “गुजरात में शिक्षा की तकनीकी निगरानी प्रणाली बेहद प्रभावशाली है। हम छत्तीसगढ़ में भी उसी मॉडल को अपनाकर शिक्षा में क्रांति लाएंगे। अब शिक्षा व्यवस्था पारदर्शी, प्रभावी और बच्चों के लिए अधिक लाभकारी होगी।”
— गजेंद्र यादव, स्कूल शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़
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🔍 विशेषज्ञों की राय
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल ठीक से लागू हुआ, तो छत्तीसगढ़ में स्कूल ड्रॉपआउट दर घटेगी, शिक्षकों की जवाबदेही बढ़ेगी और बच्चों की सीखने की गुणवत्ता में सुधार होगा।
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📊 नजर आने वाले संभावित फायदे
क्षेत्र संभावित सुधार
उपस्थिति नियमितता बढ़ेगी
मिड-डे मील गुणवत्ता व पारदर्शिता सुनिश्चित होगी
शिक्षण गुणवत्ता बेहतर मॉनिटरिंग से गुणवत्ता में वृद्धि
प्रशासनिक कार्य योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन
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छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। यदि गुजरात मॉडल का सही तरीके से कार्यान्वयन होता है, तो यह छत्तीसगढ़ के लाखों स्कूली बच्चों के भविष्य को नई दिशा दे सकता है। शिक्षा को तकनीक से जोड़ना आज के समय की मांग है, और इस पहल से राज्य निश्चित रूप से एक शिक्षित और सशक्त समाज की ओर अग्रसर होगा।

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
