
छत्तीसगढ़ के स्कूल में शिक्षकों की शर्मनाक हरकत: कक्षा में बच्चों के सामने भिड़े दो शिक्षक, वीडियो वायरल
सारंगढ़-बिलाईगढ़, छत्तीसगढ़: राज्य के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के धारासीव सरकारी हाई स्कूल में एक बेहद शर्मनाक और निंदनीय घटना सामने आई है। बच्चों को पढ़ाने के लिए बने इस शिक्षा के मंदिर में दो शिक्षक आपस में भिड़ गए। झगड़ा इतना बढ़ गया कि पूरा क्लासरूम एक समय के लिए कुश्ती के अखाड़े में तब्दील हो गया। यह घटना स्कूल में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है और अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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📌 क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, विज्ञान के शिक्षक विनीत दुबे समय पर स्कूल पहुंचे और उन्होंने हिंदी के शिक्षक कश्यप की अनुपस्थिति में उनकी क्लास ले ली। बच्चों को पढ़ाने लगे।
इसी दौरान कश्यप सर देरी से स्कूल पहुंचे और जब उन्होंने देखा कि उनकी क्लास को कोई और पढ़ा रहा है, तो वह आगबबूला हो गए। बिना कुछ समझे-बुझे उन्होंने कक्षा के भीतर ही विनीत दुबे पर हमला कर दिया।
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👊 कक्षा में मारपीट और गाली-गलौज
बच्चों के सामने ही लात-घूंसे चलने लगे। शिक्षक एक-दूसरे को पकड़कर गिराने लगे। बच्चे डर के मारे क्लास से बाहर भाग गए। वहां मौजूद स्टाफ भी हैरान रह गया। मामला यहीं नहीं रुका — क्लासरूम से निकलने के बाद दोनों शिक्षक स्टाफ रूम में भी भिड़ गए।
वहाँ भी एक-दूसरे को गंदी-गंदी गालियाँ दी गईं और हाथापाई की गई। इस दौरान एक शिक्षक दूसरे का वीडियो बनाने लगा, जो अब वायरल हो गया है और शिक्षा विभाग की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
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📹 CCTV फुटेज बना सबूत, वायरल वीडियो से मचा हड़कंप
पूरे घटनाक्रम की CCTV फुटेज अब सबूत बन चुकी है, जिसमें यह साफ देखा जा सकता है कि कैसे शिक्षक अपनी मर्यादा भूलकर स्कूल को लड़ाई का मैदान बना देते हैं। वायरल वीडियो के सामने आने के बाद अभिभावकों में भारी रोष है और वे दोनों शिक्षकों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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🧒 बच्चों की मानसिक स्थिति पर असर
शिक्षकों की इस शर्मनाक हरकत से बच्चों की मानसिक स्थिति पर भी बुरा असर पड़ा है। कुछ छात्रों ने बताया कि वे बहुत डर गए थे और कुछ ने कहा कि अब वे स्कूल आने से डर महसूस कर रहे हैं।
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📣 क्या कह रहा है शिक्षा विभाग?
अब तक शिक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दोनों शिक्षकों को निलंबित करने या स्थानांतरण की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है।
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🚨 समाज में शिक्षा की गिरती छवि
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हमारे शिक्षक अपने व्यवहार और जिम्मेदारियों को लेकर सजग हैं? बच्चों के सामने इस तरह का बर्ताव न केवल शिक्षा व्यवस्था पर धब्बा है, बल्कि यह हमारे सामाजिक मूल्यों पर भी सवालिया निशान लगाता है।
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निष्कर्ष:
धारासीव सरकारी हाई स्कूल की यह घटना केवल एक स्कूल की नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र के लिए एक चेतावनी है। शिक्षा केवल पाठ्यक्रम सिखाने तक सीमित नहीं, यह व्यवहार, अनुशासन और चरित्र निर्माण का भी केंद्र होती है। ऐसे में अगर शिक्षक ही बच्चों के सामने अपनी मर्यादा खो दें, तो भविष्य की पीढ़ी क्या सीखेगी?

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
