जनहित के मुद्दे उठाने पर मिल रही धमकियाँ, झुठे केस और हमले की आशंका से पत्रकार ने मांगी सुरक्षा, जान से मारने की साजिश का आरोप  -प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग

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पत्रकार ने मांगी सुरक्षा, जान से मारने की साजिश का आरोप—प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग


जनहित के मुद्दे उठाने पर मिल रही धमकियां, झूठे केस और हमले की आशंका जताई


अंबिकापुर, सरगुजा | विशेष रिपोर्ट
सरगुजा जिले के अंबिकापुर से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक सक्रिय पत्रकार और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर अमित कुमार पाण्डेय ने अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उन्होंने इस संबंध में पुलिस महानिरीक्षक, सरगुजा रेंज को एक विस्तृत लिखित आवेदन सौंपकर कई चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं।

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जनहित के मुद्दों को उठाने की सजा?


अपने आवेदन में पत्रकार अमित पाण्डेय ने उल्लेख किया है कि वे लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय पत्रकारिता करते हुए भ्रष्टाचार, घोटालों और प्रशासनिक लापरवाही जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं। उनके अनुसार, इसी वजह से कुछ कथित भ्रष्ट अधिकारी, कर्मचारी और उनसे जुड़े तत्व उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं।


उन्होंने दावा किया है कि उनके द्वारा उजागर किए गए मामलों से कई लोगों के हित प्रभावित हुए हैं, जिसके चलते अब उन्हें डराने और चुप कराने की कोशिशें तेज हो गई हैं।


झूठे केस और हमले की साजिश का आरोप


पत्रकार ने अपने आवेदन में यह भी बताया कि उन्हें विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली है कि उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की योजना बनाई जा रही है। इसके साथ ही सड़क दुर्घटना के बहाने जान से मारने या असामाजिक तत्वों के जरिए हमला कराने की भी साजिश रची जा रही है।

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उन्होंने आशंका जताई है कि किसी भी समय उनके साथ कोई बड़ी और अप्रिय घटना घट सकती है, जिसे दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की जा सकती है।


सुरक्षा बढ़ाने की मांग


अमित पाण्डेय ने प्रशासन से मांग की है कि:
उनके निवास स्थान के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए
उनकी गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाए
किसी भी संदिग्ध गतिविधि या साजिश की सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जाए


झूठे मामलों में फंसाने की कोशिशों को रोका जाए
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा का मामला नहीं है, बल्कि यह स्वतंत्र पत्रकारिता और अभिव्यक्ति की आजादी से भी जुड़ा हुआ मुद्दा है।


वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी प्रतिलिपि


पत्रकार ने अपने आवेदन की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक, पुलिस महानिदेशक, मुख्यमंत्री कार्यालय और गृह मंत्री सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को भी भेजी है, ताकि मामले में गंभीरता से संज्ञान लिया जा सके।


निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद


अंत में अमित पाण्डेय ने प्रशासन से त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की अपेक्षा जताई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो कोई गंभीर घटना हो सकती है।


उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में ठोस कार्रवाई होने से न केवल उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि अन्य पत्रकारों और सोशल मीडिया एक्टिविस्ट्स में भी सुरक्षा का विश्वास मजबूत होगा।


(नोट: यह समाचार पत्रकार द्वारा दिए गए आवेदन और आरोपों पर आधारित है। प्रशासनिक जांच के बाद ही तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।)

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