
युक्तियुक्तकरण से बदली तस्वीर, ग्रामीण विद्यार्थियों के
लिए शिक्षा की राह हुई आसान
व्याख्याता एवं नियमित प्राचार्य की नियुक्ति से सिमगा हायर सेकंडरी स्कूल बना शिक्षा का मजबूत केंद्र
कोरबा।
जिले के दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्र पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सिमगा में संचालित हायर सेकंडरी स्कूल अब ग्रामीण शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणास्रोत बनकर उभर रहा है। वर्ष 2014 से संचालित यह विद्यालय आज न केवल सिमगा बल्कि घोसरा सहित लगभग 10 किलोमीटर के दायरे के गांवों के विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
विद्यालय में वर्तमान में कुल 178 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें से अधिकांश अनुसूचित जनजाति वर्ग से आते हैं। यह विद्यालय आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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शिक्षकों की कमी से प्रभावित थी पढ़ाई
लंबे समय तक विद्यालय में अंग्रेजी एवं वाणिज्य विषय के व्याख्याता उपलब्ध नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को इन विषयों की नियमित कक्षाएं नहीं मिल पाती थीं। इसका सीधा असर विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति और बोर्ड परीक्षा की तैयारी पर पड़ रहा था। कई विद्यार्थियों को विषय समझने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

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युक्तियुक्तकरण से मिली राहत
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी पहल पर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अतिशेष शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण का निर्णय लिया गया। इसी प्रक्रिया के अंतर्गत सिमगा हायर सेकंडरी स्कूल को—
अंग्रेजी विषय के व्याख्याता के रूप में श्री रमाकांत कुशरो
वाणिज्य विषय की व्याख्याता के रूप में श्रीमती रुकमणी पुरैना
की नियुक्ति प्राप्त हुई।
नए शिक्षकों के पदस्थ होते ही विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण सकारात्मक रूप से बदलने लगा। कक्षाओं की नियमितता बढ़ी और पढ़ाई की गुणवत्ता में स्पष्ट सुधार देखने को मिला।
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छात्रों में बढ़ा उत्साह और आत्मविश्वास
ग्राम पंचायत सिमगा की सरपंच गायत्री आयाम एवं ग्राम पंचायत घोंसरा की शाम बाई बिंझवार ने बताया कि नए व्याख्याताओं की नियुक्ति से विद्यालय में पढ़ाई का माहौल काफी बेहतर हुआ है। विद्यार्थियों में सीखने का उत्साह बढ़ा है और अभिभावकों में भी संतोष एवं खुशी है।
कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के विद्यार्थी—
लक्ष्मी, साहिल, आशु, सोनिया, दिल कुमार, रमी सिंह, रितेश, जय कुमारी, समिता, याचना एवं विकास—
ने बताया कि पहले नियमित शिक्षक न होने के कारण पढ़ाई बाधित होती थी, लेकिन अब अंग्रेजी और वाणिज्य दोनों विषयों की नियमित और बेहतर पढ़ाई हो रही है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।
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नियमित प्राचार्य की नियुक्ति से नवाचार की शुरुआत
विद्यालय में वर्षों से नियमित प्राचार्य का अभाव भी एक बड़ी समस्या थी। हाल ही में श्री सतीश प्रकाश सिंह के नियमित प्राचार्य के रूप में पदस्थ होने से विद्यालय में शैक्षणिक नवाचारों की शुरुआत हुई है।
प्राचार्य श्री सिंह ने पदभार संभालते ही—
शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करने
विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा एवं रोजगार के प्रति जागरूक करने
कैरियर मार्गदर्शन प्रदान करने
की दिशा में कार्य प्रारंभ किया है। वे स्वयं विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दे रहे हैं तथा समय-समय पर विशेषज्ञों को आमंत्रित कर विद्यार्थियों को नई दिशा दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि तकनीकी युग में ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्र के विद्यार्थियों को निरंतर प्रेरित और समर्थ बनाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि वे भी मुख्यधारा में आगे बढ़ सकें।
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शिक्षा से संवर रहा भविष्य
आज सिमगा हायर सेकंडरी स्कूल उस परिवर्तन की यात्रा पर है, जहाँ नियमित शिक्षकों की उपलब्धता, सक्रिय प्राचार्य और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण ने इसे दूरस्थ क्षेत्र में भी शिक्षा का मजबूत आधार बना दिया है।
अब विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित होने से न केवल विद्यार्थी बल्कि उनके पालक और पूरा ग्रामीण समाज आशान्वित और प्रसन्न है। यह विद्यालय शिक्षा के माध्यम से ग्रामीण बच्चों के भविष्य में नई चमक पैदा कर रहा है।

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
