
दुर्घटना बीमा बना सहारा : एसबीआई ने दिवंगत ताम्रध्वज जंघेल के परिवार को 20 लाख रुपये की दावा राशि प्रदान की
खैरागढ़। कठिन परिस्थितियों में बीमा जीवन का एक सशक्त सुरक्षा कवच साबित होता है। इसका सजीव उदाहरण खैरागढ़ में देखने को मिला, जहाँ भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और एसबीआई जनरल बीमा ने सड़क दुर्घटना में दिवंगत हुए ताम्रध्वज जंघेल के परिवार को 20 लाख रुपये की दुर्घटना बीमा दावा राशि प्रदान कर उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की।
यह राशि दिवंगत ताम्रध्वज जंघेल के पिता श्री प्रहलाद जंघेल को भारतीय स्टेट बैंक खैरागढ़ शाखा के प्रबंधक बिरेन्द्र कुमार तथा एसबीआई जनरल बीमा के क्षेत्रीय व्यवसाय अधिकारी साकेत यदु द्वारा औपचारिक रूप से सौंपी गई। इस अवसर पर बैंक कर्मचारियों तथा स्थानीय नागरिक भी उपस्थित रहे।

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सिर्फ 1000 रुपये प्रीमियम का मिला बड़ा लाभ
ताम्रध्वज जंघेल ने जीवन में सुरक्षा के महत्व को समझते हुए मात्र 1000 रुपये प्रीमियम में एसबीआई जनरल बीमा की व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा पॉलिसी ली थी।
दुर्भाग्यवश सड़क दुर्घटना में उनकी मृत्यु के बाद यही पॉलिसी उनके परिवार के लिए बड़ा आर्थिक सहारा बनकर सामने आई।
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एसबीआई की दुर्घटना बीमा पॉलिसी की विशेषताएँ
एसबीआई जनरल बीमा की यह पॉलिसी दुर्घटना की किसी भी गंभीर स्थिति में परिवार को आर्थिक मजबूती प्रदान करती है। पॉलिसी में निम्नलिखित प्रमुख लाभ शामिल हैं—
आकस्मिक मृत्यु पर पूर्ण वित्तीय सहायता
स्थायी अथवा आंशिक विकलांगता पर आर्थिक सहयोग
अंतिम संस्कार व्यय की सहायता
बच्चों की शिक्षा हेतु वित्तीय सहायता
अनुकूलन भत्ता (Adaption Allowance)
एम्बुलेंस सुविधा का लाभ
यह पॉलिसी 18 से 65 वर्ष की आयु वाले सभी भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध है और इसे किसी भी SBI शाखा के माध्यम से सरलता से प्राप्त किया जा सकता है।
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समय पर बीमा लेना है समझदारी : SBI शाखा प्रबंधक
दावा राशि प्रदान करते हुए एसबीआई खैरागढ़ शाखा के प्रबंधक बिरेन्द्र कुमार ने कहा—
“बीमा जीवन में सुरक्षा का अभिन्न हिस्सा है। ताम्रध्वज जंघेल के परिवार को जो सहायता मिली है, वह समय पर बीमा लेने की जागरूकता का परिणाम है। प्रत्येक नागरिक को भविष्य की अनिश्चित परिस्थितियों को देखते हुए बीमा अवश्य लेना चाहिए।”
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नागरिकों से बीमा लेने का आग्रह
एसबीआई जनरल बीमा के क्षेत्रीय व्यवसाय अधिकारी साकेत यदु ने उपस्थित लोगों से अपील की—
“दुर्घटनाएँ अचानक होती हैं और कई बार परिवार को भारी आर्थिक संकट झेलना पड़ता है। ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए दुर्घटना बीमा जैसी सुरक्षा पॉलिसियों का लाभ अवश्य उठाएँ।”
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बीमा से बढ़ती जागरूकता
इस घटना ने पुनः यह साबित किया है कि थोड़े से प्रीमियम पर मिलने वाली बीमा पॉलिसियाँ कठिन समय में बड़े सहारे के रूप में उभरती हैं। ताम्रध्वज जंघेल के परिवार को मिली सहायता समाज में बीमा के प्रति बढ़ती जागरूकता का संकेत है।

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
