
पूरे भारत का मौसम और अनुमान
देश भर में मौसम एक बार फिर सक्रिय हुआ है। India Meteorological Department (IMD) के ताज़ा अपडेट में कई क्षेत्र-राज्यों में भारी बारिश, तूफानी हवाएँ, गरज-चमक और तापमान में गिरावट की संभावना जताई गई है।
प्रमुख बिंदु
देश अक्टूबर माह में सामान्य से ऊपर बारिश की ओर है; IMD ने कहा है कि इस माह बारिश लंब-अवधि औसत-LPA से लगभग 115 % तक हो सकती है।
कई हिस्सों में गुरुतर मौसम प्रणाली सक्रिय है, जिनमें Cyclone Montha नामक चक्रवात-प्रवृति पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में विकसित हुआ है।
दक्षिण-पूर्व और पूर्व भारत (जैसे तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओड़िसा आदि) में आगामी दिनों में बहुत भारी बारिश व हवाओं की संभावना है।
उत्तरी एवं मध्य भारत में तापमान में गिरावट के संकेत मिल रहे हैं, खासकर रात-दिन के तापमान में।

राज्य-विशेष हालात
दक्षिणी-भारत: तमिलनाडु, आंध्र-प्रदेश, केरल, कर्नाटक आदि में 24 से 29 अक्टूबर के बीच भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी है।
मध्य-उत्तर भारत: जैसे कि Chhattisgarh, Madhya Pradesh, Uttar Pradesh में 28 और 29 अक्टूबर के लिए भारी बारिश-तूफ़ान-हवाओं का अनुमान है।
पूर्व एवं उत्तर-पूर्व भारत: Arunachal Pradesh जैसे राज्यों में 29-30 अक्टूबर को मानक बारिश और तूफानी गतिविधियों का “येलो अलर्ट” जारी है।

क्यों सक्रिय हो रहा है मौसम?
चक्रवाती प्रणाली “Cyclone Montha” के कारण बंगाल की खाड़ी-क्षेत्र में नमी-आवक बढ़ी है और इसका असर देश की पूर्वी व दक्षिणी तटवर्ती जिलों तक पहुँच रहा है।
साथ-ही दूसरे भागों में पश्चिमी-भारत व अरब सागर-क्षेत्र की निम्न-दबाव स्थिति ने नमी-आवक को प्रेरित किया है।
मानसून समाप्त हो गया है, लेकिन अब उत्तर-पूर्व या उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में शीतल हवाएं व बदलाव आ रहे हैं — जिससे तापमान गिरने व आर्द्रता के कारण बारिश-कार्रवाई बनी हुई है।
क्या सावधानियाँ बरतें?
बारिश-हवाओं की चेतावनी वाले इलाकों में खिड़कियाँ-दरवाजे बंद रखें, निचले-क्षेत्रों, जलजमाव वाले रास्तों, खुले मैदानों में विशेष सतर्क रहें।
खेती-किसानी या खुले स्थानों में काम कर रहे लोग viento-मौसम के अनुमान के अनुसार समय बदल सकते हैं।
तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में नहीं उतरने की सलाह दी गई है।
बिजली-गरज और तूफान के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें।
सभी नागरिकों को स्थानीय मौसम अपडेट, प्रशासन सूचना एवं रेडियो/टीवी अलर्ट नियमित देखें।
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छत्तीसगढ़ का मौसम-विवरण
वर्तमान स्थिति
छत्तीसगढ़ में आगामी 28–29 अक्टूबर के लिए भारी से बहुत भारी बारिश व तूफानी हवाओं का अंदेशा जताया गया है।
28 अक्टूबर को वायु-गति लगभग 60-70 किमी/घंटा तक बढ़ सकती है, 29 अक्टूबर को यह 50-60 किमी/घंटा अनुमानित है।
दक्षिणी छत्तीसगढ़ में पहले से ही बारिश शुरू हो चुकी है और isolated प्रमुख स्थानों पर 21 सेंटीमीटर से अधिक बारिश संभावित है।
प्रभावित क्षेत्र एवं संभावित प्रभाव
दक्षिणी जिलों में विशेष रूप से खतरा: जलजमाव, सड़कों पर बहाव, कटाव एवं बिजली-पड़े पेड़ों के गिरने का जोखिम।
मध्य/पूर्व जिलों में भी हवाओं के कारण घर-बाहर सामान सुरक्षित रखने की आवश्यकता।
खेती-योग्य क्षेत्र (चूना-मिट्टी, दलदली भाग) में फसल-उपकरण व भंडारण को बारिश-रोक के अनुसार तैयार करें।
शहरी इलाकों में निचले हिस्सों में पानी जमने-सड़कें फिसलने का खतरा।
सुझाव
यदि कहीं बाहर जाना जरूरी हो तो छाता या रेनकोट साथ रखें।
खिड़कियों-छज्जों पर रखे सामान और गमलों को सुरक्षित स्थान पर ले जाएँ।
यदि हवाएँ तेज हों और बिजली-गरज का खतरा हो, तो तुरंत ठोस बने भवन के अंदर रहें।
स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों को गंभीरता से लें — विशेषकर जिस जिले में येलो/ऑरेंज/रेड अलर्ट हो।
बारिश खत्म होने के बाद भी स्थिति स्थिर नहीं हो सकती — जलस्तर, नाले-नदी के किनारों में आवाजाही सीमित रखें।
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यह वक़्त मौसम-सक्रियता का है — पूरे भारत में एक बड़ी बारिश-तूफानी प्रणाली चल रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में अलर्ट जारी हैं। इस तरह के मौसम में बेहतरीन तैयारी ही सुरक्षा की कुंजी है। सभी नागरिकों से अनुरोध है कि मौसम अपडेट्स-चेतावनियों को नजरअंदाज़ न करें।

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
