
📰 पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर राष्ट्र को नमन: एकात्म मानववाद और अंत्योदय के महान प्रेरणास्रोत
📍 तिल्दा, छत्तीसगढ़ | 26 सितम्बर 2025
भारतीय जनता पार्टी के पितृ पुरुष, महान राष्ट्रवादी विचारक और माँ भारती के वरद पुत्र पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती के अवसर पर पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी जा रही है। तिल्दा सहित समस्त छत्तीसगढ़ में भी विविध कार्यक्रमों के माध्यम से उनकी स्मृति को नमन किया गया।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितंबर 1916 को उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में हुआ था। वे एक दूरदर्शी विचारक, प्रखर संगठनकर्ता और भारतीय जनसंघ के प्रमुख स्तंभ थे, जिनके विचार आज भी भारतीय राजनीति और समाज को दिशा प्रदान कर रहे हैं।

🔷 एकात्म मानववाद: भारतीयता पर आधारित विचारधारा
पंडित जी का प्रमुख दार्शनिक योगदान ‘एकात्म मानववाद’ के रूप में जाना जाता है। यह दर्शन न केवल भारत की सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान करता है, बल्कि आधुनिक विकास के साथ सामंजस्य भी स्थापित करता है। इसमें मानव जीवन के चारों पुरुषार्थ – धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष – को संतुलित रूप से देखने की दृष्टि दी गई है।
एकात्म मानववाद के माध्यम से पंडित जी ने यह स्पष्ट किया कि भारत का विकास पश्चिमी देशों की नकल से नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक नींव पर आधारित नीति-निर्माण से ही संभव है।

🔷 अंत्योदय: अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की अंत्योदय की अवधारणा आज भी सरकार की योजनाओं और नीतियों की प्रेरणा का स्रोत है। अंत्योदय का अर्थ है – समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण हेतु कार्य करना।
आज भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘संपूर्ण विकास, गरीब कल्याण, स्वावलंबन तथा विकसित भारत जैसे अभियानों की जड़ें, पंडित जी की इन्हीं दूरदर्शी नीतियों में हैं।
🔷 सार्वजनिक जीवन में शुचिता के प्रतीक
दीनदयाल उपाध्याय जी का संपूर्ण जीवन सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी, पारदर्शिता और गरिमा के उच्च आदर्शों का उदाहरण रहा है। वे सदैव विचारों की राजनीति में विश्वास रखते थे, और सत्ता को सेवा का माध्यम मानते थे।
उनकी राजनीतिक दृष्टि सत्ता प्राप्ति नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा और जनसेवा के संकल्प से प्रेरित थी।
🔷 आज भी प्रेरणास्रोत
आज जब भारत आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में बढ़ रहा है, ऐसे समय में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार और दर्शन और भी अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं। उनके द्वारा स्थापित आदर्श भारतीय जनता पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं के लिए आज भी पथप्रदर्शक हैं।
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✍️ तिल्दा टाइम्स CG न्यूज टीम की ओर से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को शत्-शत् नमन। उनका जीवन और दर्शन, राष्ट्र निर्माण की अमूल्य धरोहर है।
“सत्ता राष्ट्र के लिए है, राष्ट्र सत्ता के लिए नहीं” – पं. दीनदयाल उपाध्याय

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief

