
✅ GST 2.0: 22 सितंबर 2025 से लागू होंगे नए टैक्स स्लैब, दवाइयों और दैनिक वस्तुओं पर राहत
📅 प्रकाशित तिथि: 23 सितंबर 2025
तिल्दा टाइम्स CG न्यूज
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📌 मुख्य बातें:
सरकार ने GST 2.0 के तहत टैक्स स्लैबों को सरल किया
कई दैनिक उपयोग की वस्तुओं और दवाइयों पर जीएसटी दरें घटाई गईं
22 सितंबर 2025 से देशभर में लागू हुए नए संशोधित स्लैब
महंगाई पर लगाम और उपभोक्ताओं को सीधी राहत की उम्मीद

🧾 क्या है GST 2.0?
सरकार ने जीएसटी प्रणाली में सुधार लाने के उद्देश्य से “GST 2.0” की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य था कर व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी और जन-हितैषी बनाना। जीएसटी काउंसिल की 54वीं बैठक में इस सुधार को मंजूरी दी गई थी, जिसमें टैक्स स्लैब की संख्या घटाकर उन्हें समाहित किया गया है।
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📉 इन चीजों पर सस्ती हुई जीएसटी दरें
नए बदलावों के अनुसार निम्नलिखित श्रेणियों पर टैक्स दरों में कटौती की गई:
🩺 दवाइयाँ और हेल्थकेयर उत्पाद:
कुछ जीवन रक्षक दवाओं पर टैक्स 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है
इंसुलिन और कैंसर जैसी बीमारियों में प्रयुक्त विशेष दवाइयाँ अब जीएसटी-मुक्त (0%) होंगी
🍞 दैनिक उपयोग की वस्तुएँ:
पैक्ड खाद्य सामग्री जैसे आटा, चावल, बेसन पर टैक्स 5% से घटाकर 3%
घरेलू सफाई उत्पाद (जैसे की डिटर्जेंट, ब्रश) पर टैक्स 18% से घटाकर 12%
🏠 घरेलू उपकरण:
एलईडी बल्ब, सोलर उपकरण और ऊर्जा बचाने वाले उपकरणों पर जीएसटी 12% से घटाकर 8%
मिक्सर-ग्राइंडर, कुकर आदि पर भी टैक्स में 2-4% की कमी
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🏦 कर प्रणाली को क्यों बदला गया?
सरकार के अनुसार, पिछले 7 वर्षों में जीएसटी प्रणाली में लगातार सुधार के प्रयास किए गए। लेकिन जटिल टैक्स स्लैब (0%, 5%, 12%, 18%, 28%) उपभोक्ताओं और कारोबारियों दोनों के लिए भ्रमित करने वाले थे।
GST 2.0 के तहत अब दो मुख्य स्लैब बनाए गए हैं:
निम्न स्लैब: आवश्यक वस्तुओं के लिए
उच्च स्लैब: विलासिता और गैर-जरूरी वस्तुओं के लिए
इस कदम का उद्देश्य था महंगाई को नियंत्रित करना, उपभोक्ता खर्च को बढ़ावा देना, और MSME (छोटे एवं मध्यम व्यवसायों) को राहत देना।
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📈 जीएसटी कलेक्शन पर असर?
सरकार को उम्मीद है कि दरों में बदलाव से उपभोग बढ़ेगा, जिससे लंबी अवधि में टैक्स कलेक्शन में वृद्धि हो सकती है। सितंबर 2025 में जीएसटी कलेक्शन ₹1.75 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर रहा, और नए स्लैब लागू होने के बाद इसमें और बढ़ोतरी की संभावना है।
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🗣️ वित्त मंत्री का बयान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा:
> “GST 2.0 आम जनता को राहत देने वाला कदम है। हम चाहते हैं कि टैक्स व्यवस्था सरल हो और जनता को अनावश्यक आर्थिक बोझ से मुक्ति मिले।”
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🔍 क्या नहीं बदला?
पेट्रोल, डीजल, शराब जैसे उत्पाद अभी भी जीएसटी के दायरे में नहीं लाए गए हैं
इन पर पुरानी कर प्रणाली (वैट + एक्साइज) ही लागू रहेगी
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🔚 निष्कर्ष
22 सितंबर 2025 से लागू हुई GST 2.0 प्रणाली भारत की टैक्स व्यवस्था के इतिहास में एक बड़ा सुधार है। इससे न केवल उपभोक्ताओं को राहत मिली है, बल्कि व्यवसायों को भी अनुपालन में आसानी हुई है। दवाइयों और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में कमी आने से आम आदमी की जेब पर बोझ घटेगा और महंगाई पर भी कुछ हद तक नियंत्रण संभव है।

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
