वरिष्ठ पत्रकार मणि आर्य पर जानलेवा हमला: दिल्ली पुलिस की लापरवाही पर उठे सवाल, पत्रकार संगठनो में आक्रोश

Image Editor Output Image211938644 17585271422815551801182008268358

वरिष्ठ पत्रकार मणि आर्य पर जानलेवा हमला: दिल्ली पुलिस की लापरवाही पर उठे सवाल, पत्रकार संगठनों में आक्रोश
📅 22 सितंबर 2025 | लेखक: अनिल कुमार भट्ट
📰 तिलदा टाइम्स CG  NEWS | तिल्दा नेवरा | चीफ एडिटर: अनिल कुमार भट्ट 




📍 घटना का विवरण: राजधानी में पत्रकार पर जानलेवा हमला

नई दिल्ली – देश की राजधानी में सच्चाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले वरिष्ठ पत्रकार मणि आर्य पर एक सुनियोजित और जानलेवा हमला हुआ है। यह सनसनीखेज़ घटना शनिवार रात (20 सितंबर) को पहाड़गंज इलाके में स्थित उनके निवास के बाहर घटी। दो अज्ञात युवकों ने मणि आर्य को गालियाँ दीं, ईंट से हमला करने की कोशिश की और खुलेआम जान से मारने की धमकियाँ दीं।




🧱 ईंट से हमला, लेकिन बाल-बाल बचे पत्रकार

मणि आर्य ने बताया कि रात करीब 10:07 बजे दो युवक उनके घर के बाहर आए और जालीदार दरवाजे से उन्हें देखकर ईंट फेंकी। सौभाग्य से दरवाजा बंद होने के कारण ईंट दरवाजे पर लगी और वह बच गए। हमलावर इस दौरान लगातार गंदी-गंदी गालियाँ देते रहे और जान से मारने की धमकियाँ देते रहे।




📞 PCR को कॉल, लेकिन नहीं मिली तत्काल मदद

घटना के तुरन्त बाद 10:12 बजे मणि आर्य ने PCR को कॉल किया। उन्होंने उम्मीद की थी कि दिल्ली पुलिस त्वरित कार्रवाई करेगी, लेकिन किसी भी प्रकार की तत्काल सहायता नहीं पहुँची। इस लापरवाही पर सवाल खड़े होते हैं कि जब राजधानी के केंद्र में एक पत्रकार सुरक्षित नहीं, तो आम जनता कितनी असुरक्षित है?




🎥 CCTV फुटेज में हमलावर कैद, हथियार होने की आशंका

हमले के अगले दिन, नबी करीम थाने से SI हर्ष और HC विकास घटनास्थल पर पहुँचे। आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने पर दोनों हमलावरों की तस्वीरें स्पष्ट रूप से दिखाई दीं। चश्मदीदों के अनुसार, हमलावरों में से एक युवक की पैंट में रिवॉल्वर भी दिखी, जिससे हमले की गंभीरता और बढ़ जाती है।




⚠️ पहले से मिल रहीं थीं धमकियाँ, आरोपी नामजद

मणि आर्य ने अपनी शिकायत में स्पष्ट किया है कि यह हमला पूर्व नियोजित था। उन्होंने मनीष चड्ढा और बलविंदर कपूर को मुख्य संदिग्ध बताया है। उल्लेखनीय है कि इन दोनों के खिलाफ 15 और 18 सितंबर को ही मणि आर्य ने दिल्ली पुलिस आयुक्त, DCP सेंट्रल और SHO नबी करीम को लिखित शिकायत दी थी। इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।




🗣️ पत्रकार संगठनों में रोष: “यह लोकतंत्र पर हमला है”

देशभर के पत्रकार संगठनों ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है:

> “पत्रकारों पर हमले, प्रेस की आज़ादी और लोकतंत्र की जड़ों पर हमला है। अगर दिल्ली में ही पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं, तो सच्चाई की आवाज़ कौन उठाएगा?”






🏛️ CMO, PMO और दिल्ली पुलिस कमिश्नर से न्याय की मांग

मणि आर्य ने मांग की है कि हमलावरों के खिलाफ तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में उन्हें या उनके परिवार को कोई नुकसान होता है, तो इसके लिए सीधे तौर पर वही लोग जिम्मेदार होंगे जिनके नाम उन्होंने शिकायत में दर्ज कराए हैं। उन्होंने न्याय के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO Delhi), प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), गृह मंत्रालय, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और डीसीपी सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट से गुहार लगाई है।




📌 निष्कर्ष: कब तक दबती रहेगी सच्चाई की आवाज़?

यह घटना न सिर्फ मणि आर्य पर एक व्यक्तिगत हमला है, बल्कि यह पूरे पत्रकारिता जगत और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर एक सीधा हमला है। अब देखना यह है कि दिल्ली पुलिस और सरकार इस मामले में कितनी त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करती है।




📢 तिल्दा टाइम्स CG न्यूज  इस हमले की घोर निंदा करता है और वरिष्ठ पत्रकार मणि आर्य को न्याय दिलाने की मांग करता है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *