
सिमगा के शासकीय स्कूल में प्रधान पाठक द्वारा छात्राओं से शारीरिक शोषण, गांव में आक्रोश
बलौदाबाजार, छत्तीसगढ़ – जिले के सिमगा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय कामता से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। इस विद्यालय में पढ़ने वाली कक्षा 8वीं की दो छात्राओं के साथ स्कूल के प्रभारी प्रधान पाठक देवलाल साहू द्वारा अलग-अलग दिनों में शारीरिक शोषण की घटनाएं सामने आई हैं।

पहली घटना – शिक्षिका को थी जानकारी, पर छुपाया मामला
सूत्रों के अनुसार, 30 अगस्त को पहली बार यह घिनौनी वारदात सामने आई, जब एक छात्रा ने शारीरिक शोषण की शिकायत की। इस मामले की जानकारी स्कूल में पदस्थ शिक्षिका हेमा देवांगन को थी, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से लेने के बजाय मामले को दबा दिया और उच्चाधिकारियों को सूचना नहीं दी। इस चुप्पी ने एक और मासूम बच्ची को शिकार बनने का मौका दे दिया।
दूसरी घटना – प्रमाण पत्र के बहाने स्कूल से बाहर ले जाकर किया शोषण
19 सितंबर को देवलाल साहू ने दूसरी छात्रा को प्रमाण पत्र बनवाने के बहाने स्कूल से बाहर ले जाकर शारीरिक शोषण किया। इस दुस्साहसिक हरकत के बाद बच्ची ने अपने परिजनों को पूरी बात बताई, जिससे गांव में आक्रोश की लहर दौड़ गई।
परिजनों की शिकायत पर FIR, दोनों शिक्षक सस्पेंड
घटना की जानकारी मिलते ही आक्रोशित परिजन सीधे सिमगा थाना पहुंचे और आरोपी प्रधान पाठक देवलाल साहू के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। शिकायत के बाद जिला शिक्षा अधिकारी संजय गुहे ने मामले की रिपोर्ट तैयार कर संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा, रायपुर संभाग को सौंप दी।
प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर संयुक्त संचालक संजय श्रीवास्तव ने दोनों शिक्षकों – देवलाल साहू और हेमा देवांगन को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है।
स्कूल और गांव में तनाव का माहौल
यह शर्मनाक घटना सामने आने के बाद कामता गांव में तनाव और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। परिजनों का कहना है कि यदि पहली घटना पर तुरंत कार्रवाई की गई होती, तो दूसरी बच्ची को यह सहना नहीं पड़ता।
पुलिस कर रही है गंभीरता से जांच
सिमगा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पोस्को एक्ट (POCSO Act) समेत अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि बच्चियों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, और गवाहों की जांच के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जल्द ही आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जाएगी और उन्हें न्यायिक हिरासत में लिया जा सकता है।
यह घटना न केवल विद्यालय के सुरक्षित माहौल पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि यदि जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का पालन नहीं करते, तो मासूम बच्चे शिकार बनते हैं। शिक्षा विभाग और प्रशासन को ऐसी घटनाओं के प्रति शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति अपनानी चाहिए।
रिपोर्ट: तिल्दा टाइम्स CG न्यूज संवाददाता

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
