जशपुर: जनसंपर्क अधिकारी नूतन सिदार के खिलाफ पत्रकारों का फूटा आक्रोश ,एक दिवसीय धरना प्रदर्शन व ज्ञापन सौंपा गया

Image Editor Output Image516125940 17576041548783052331691522982391



जशपुर: जनसंपर्क अधिकारी नूतन सिदार के खिलाफ पत्रकारों का फूटा आक्रोश, एक दिवसीय धरना प्रदर्शन व ज्ञापन सौंपा गया

जशपुर, 11 सितम्बर 2025: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के गृह जिले जशपुर में पत्रकारों के साथ हो रहे कथित अन्याय और उत्पीड़न के खिलाफ जिले भर के साथ-साथ प्रदेश भर के पत्रकारों में जबरदस्त आक्रोश देखा गया। मामला जिला जनसंपर्क अधिकारी (डीपीआरओ) नूतन सिदार द्वारा स्थानीय पत्रकारों को मानहानि के करोड़ों रुपये के नोटिस और आत्महत्या में फँसाने की धमकी दिए जाने का है।

Img 20250912 Wa0006879509696025677091 1024x768



इस मुद्दे को लेकर 10 सितंबर 2025 को जशपुर जिला मुख्यालय में एक एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से पत्रकारों ने एकजुट होकर सहभागिता की। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिला कलेक्टर श्री रोहित व्यास को सौंपा गया, जिसमें दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की माँग की गई।

Image Editor Output Image516125940 17576042219177237549754374403630






पत्रकारों के आरोप – नूतन सिदार पर गंभीर आरोपों की सूची

ज्ञापन में पत्रकारों ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं:

1. मानहानि का दबाव: जनसंपर्क विभाग की सहायक संचालक नूतन सिदार ने अपने अधीनस्थ कर्मचारी की शिकायत के आधार पर पत्रकारों को एक-एक करोड़ रुपये के मानहानि नोटिस जारी किए।


2. आत्महत्या के लिए फंसाने की धमकी: पत्रकारों को फोन पर धमकी दी गई कि उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाने जैसे गंभीर मामलों में फंसाया जाएगा।


3. शासकीय व्हाट्सएप ग्रुप का निजीकरण: पत्रकारों का आरोप है कि एक सरकारी सूचना साझा करने वाले ग्रुप को निजी समूह में बदल दिया गया, जिससे उनकी उपेक्षा और अपमान हुआ।


4. प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला: इस पूरी घटना को पत्रकारों ने लोकतंत्र और स्वतंत्र पत्रकारिता पर सीधा हमला बताया है।


5. अपमानजनक भाषा: कुछ पत्रकारों को “अपराधी” जैसे शब्दों से संबोधित किया गया, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुँची।

Image Editor Output Image516125940 17576042839256826770963897527358








पत्रकारों की माँगें – न्याय और जवाबदेही की पुकार

पत्रकारों ने ज्ञापन के माध्यम से निम्नलिखित प्रमुख माँगें रखी हैं:

1. नूतन सिदार को सेवा से बर्खास्त किया जाए और उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया जाए।


2. जनसंपर्क आयुक्त द्वारा सार्वजनिक माफीनामा जारी किया जाए।


3. मुख्यमंत्री के संवाद प्रमुख डॉ. रवि मित्तल को भी सार्वजनिक रूप से क्षमा माँगनी चाहिए, क्योंकि यह प्रकरण मुख्यमंत्री की छवि को नुकसान पहुँचा रहा है।


4. इस पूरे मामले की विशेष उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।


5. यह घटना सिविल सेवा आचरण नियम 1964 एवं 1965 का स्पष्ट उल्लंघन है, अतः अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।



Image Editor Output Image516125940 17576043410154093189464112206003



घटना का प्रदेशव्यापी असर – लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर खतरा

पत्रकारों ने यह भी स्पष्ट किया कि यह घटना केवल जशपुर जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में पत्रकारों के साथ हो रहे उत्पीड़न का एक उदाहरण है। यदि सरकार और प्रशासन ने इस पर त्वरित और सख्त कार्रवाई नहीं की, तो इससे यह संदेश जाएगा कि सरकार पत्रकारों की कलम तोड़ने की मुहिम चला रही है।




उपस्थित पत्रकारों की सूची और उनका योगदान

इस महत्वपूर्ण प्रदर्शन में जशपुर सहित छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से पत्रकार पहुंचे, जिनमें प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:

जितेन्द्र कुमार जायसवाल

पंकज सिंह

नशेवर पापमावत

पियर बुगर

कार्तिकाम पोर्ते

तेजकुमार साबू

अजीत

रोहित चौहान

रवि मधुर नारायणी

एस-संतोष कुमार

सुहीन जायसवाल

सदाल अंसारी

दीपक वत्र

और संयुक्त पत्रकार संघ, जशपुर


इन सभी की सक्रिय भागीदारी से यह धरना प्रदर्शन सफल रहा।




निष्कर्ष: पत्रकारिता की अस्मिता और स्वतंत्रता की रक्षा जरूरी

जशपुर में घटित यह प्रकरण पत्रकारिता की स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति के अधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों पर एक गहरा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। अब यह देखने वाली बात होगी कि छत्तीसगढ़ शासन, विशेषकर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, इस प्रकरण में कितनी संवेदनशीलता और तत्परता से निर्णय लेते हैं। पत्रकारों ने चेताया है कि यदि न्याय नहीं मिला, तो संघर्ष और तेज होगा।




रिपोर्ट: तिल्दा टाइम्स CG न्यूज
स्रोत: संयुक्त पत्रकार संघ, जशपुर

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *