
समाज में जागरूकता की अलख: ग्राम पंचायत लखना ने किया नशा मुक्ति का संकल्प
लखना तिल्दा नेवरा (छत्तीसगढ़):
इन दिनों ग्रामीण क्षेत्रों की पहचान जहां कभी खेती, संस्कृति और समृद्ध परंपराओं के लिए होती थी, वहीं अब कुछ गांव नशे के अवैध कारोबार जैसे गांजा और शराब की बिक्री के कारण बदनाम हो रहे हैं। शहरों से लेकर गांवों, तक फैले इस नशे के अवैध व्यापार ने समाज की जड़ों को खोखला कर दिया है।
शहरी क्षेत्रों में तो हालात और भी चिंताजनक हो गए हैं, जहां खुलेआम घरों और वार्डों में शराब व गांजा बेचा जा रहा है। वहीं, कुछ गांवों में भी यह सामाजिक बुराई पैर पसारने लगी है। लेकिन ऐसे समय में ग्राम पंचायत लखना की एक पहल समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत बनकर उभरी है।
सरपंच और ग्रामीणों की अनूठी पहल
गांव की सरपंच श्रीमती श्यामा देवी साहू, उपसरपंच श्री बलदाऊ साहू, सभी पंचगण एवं ग्रामवासियों ने मिलकर नशा मुक्ति और सामाजिक सुधार की दिशा में एक ठोस कदम उठाया है। ग्रामवासियों की भागीदारी के साथ गांव में एक रैली निकाली गई, जिसमें अवैध शराब और गांजा विक्रय, ताश जुआ खेलना, और खुलेआम डिस्पोजल में शराब परोसने जैसी गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आह्वान किया गया।
शराबियों पर होगी सख्त कार्रवाई
रैली के माध्यम से यह संदेश भी स्पष्ट किया गया कि गांव की गली-मोहल्लों में शराब पीना या शराब पीकर हुल्लड़ मचाना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे व्यक्तियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पंचायत स्तर पर निगरानी समिति भी गठित करने की योजना है, जो नियमित रूप से इन गतिविधियों पर नजर रखेगी।
गांव में दिखने लगी है जागरूकता की लहर
इस सामाजिक आंदोलन की शुरुआत के साथ ही गांव में बदलाव की बयार बहने लगी है। ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ी है और विशेषकर महिलाओं और युवाओं की भागीदारी इस अभियान में विशेष रूप से सराहनीय रही।
सर्वत्र हो रही प्रशंसा
ग्राम पंचायत लखना की इस साहसी और रचनात्मक पहल की क्षेत्र में सर्वत्र प्रशंसा हो रही है। पड़ोसी गांवों के पंच-सरपंच भी अब ऐसे ही प्रयास अपने क्षेत्रों में करने की बात कह रहे हैं।
सामाजिक बुराई के खिलाफ जनआंदोलन की शुरुआत
यह पहल केवल एक गांव की नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन की शुरुआत है। यह साबित करता है कि यदि पंचायतें और ग्रामीण समाज ठान लें, तो किसी भी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म किया जा सकता है।
ग्राम पंचायत लखना का यह प्रयास न सिर्फ एक मिसाल है, बल्कि यह पूरे राज्य और देश के लिए प्रेरणा बन सकता है। समय आ गया है कि हम सब मिलकर इस तरह की सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एकजुट हों और आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ, स्वस्थ और सुरक्षित समाज दें।


Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
