
📍 स्थान: तिल्दा, छत्तीसगढ़
🗓️ अवसर: विश्व बंधुत्व दिवस एवं राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी की पुण्यतिथि
🩸 आयोजन: विशाल रक्तदान शिविर
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विश्व बंधुत्व दिवस पर मानवता की मिसाल बना तिल्दा – ब्रह्माकुमारीज सेवा केंद्र में हुआ भव्य रक्तदान शिविर
तिल्दा। विश्व बंधुत्व दिवस और ब्रह्माकुमारीज की महान आत्मा, राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी की पुण्यतिथि के पावन अवसर पर तिल्दा ब्रह्माकुमारीज सेवा केंद्र ने विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया। इस आयोजन में सैकड़ों रक्तदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और “मानव सेवा ही सर्वोच्च सेवा” का सशक्त संदेश दिया।

इस रक्तदान शिविर का आयोजन भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी रायपुर शाखा के सहयोग से किया गया। शिविर का शुभारंभ प्रातः 10 बजे दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें समाज के कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

मुख्य अतिथि व गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे:
डॉ. सत्यनारायण पांडे, रेडक्रॉस प्रमुख, रायपुर
पतीराम जानी, आरपीएफ प्रमुख, तिल्दा
ब्रह्माकुमारी कांति, स्थानीय सेवाकेंद्र की वरिष्ठ बहन
डॉ. उमा पैकरा, प्रमुख, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी)
रानी जैन, पार्षद
सौरभ जैन, समाजसेवी
राजू शर्मा, रेडक्रॉस सदस्य
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मुख्य अतिथि की प्रेरक बाइट
🗣️ डॉ. सत्यनारायण पांडे ने कहा:
> “रक्तदान मानव जीवन की सबसे बड़ी सेवा है। एक यूनिट रक्त तीन लोगों की जिंदगी बचा सकता है। यह अभियान समाज में भाईचारे और एकता को मजबूत करता है।”
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जन-जन ने दिखाया सेवा का जज्बा
रक्तदान से पूर्व प्रत्येक दाता की स्वास्थ्य जांच की गई, और उसके बाद चिकित्सकों की निगरानी में रक्त संग्रह किया गया। शिविर में युवाओं, महिलाओं एवं बुजुर्गों ने भारी उत्साह के साथ भाग लिया। इस अवसर पर पूरे वातावरण में सेवा, सहयोग और सौहार्द की भावना झलक रही थी।
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सम्मान और संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही, सभी उपस्थितजनों ने दादी प्रकाशमणि जी के सेवा, समर्पण और शांति के संदेश को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
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आज की गूंज – “रक्तदान करें, जीवन बचाएं”
रक्तदान शिविर के माध्यम से तिल्दा ने न केवल स्वास्थ्य सेवा में योगदान दिया, बल्कि समाज को बंधुत्व और मानवता का सशक्त संदेश भी दिया।
> 🩸 “रक्तदान करें – जीवन बचाएं” का संकल्प आज हर दिल में गूंजता नजर आया।

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
