
खाकी पर कलंक : मासूम की मौत का ‘सौदा’ करने वाले SI और ASI गिरफ्तार
कोरिया, छत्तीसगढ़। जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक गरीब मजदूर परिवार अपने मासूम बेटे की डूबने से हुई मौत के गहरे सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि आरोप है—कानून के रखवालों ने उसी हादसे को कथित तौर पर कमाई का जरिया बना लिया।

एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) अंबिकापुर की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बचरापोड़ी चौकी के प्रभारी उप निरीक्षक अब्दुल मुनाफ को 25,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। मामले में सहायक उप निरीक्षक गुरु प्रसाद यादव को भी साजिश और रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
हादसा जिसने जन्म दिया भ्रष्टाचार के आरोपों को
जानकारी के अनुसार, प्रार्थी सत्येन्द्र कुमार प्रजापति के घर पर ईंट निर्माण का काम चल रहा था। परिसर में खुदे गड्ढे में पानी भर गया था। वहीं काम कर रहे मजदूर मोहित घसिया के मासूम बेटे की कथित रूप से उसी गड्ढे में डूबने से मौत हो गई।
परिवार इस दर्दनाक घटना से टूट चुका था। आरोप है कि संवेदनशीलता दिखाने के बजाय चौकी स्तर पर जांच के नाम पर अवैध वसूली का खेल शुरू हो गया।
जांच के नाम पर ‘डर’ और सौदेबाज़ी
प्रार्थी के मुताबिक, उस समय चौकी में पदस्थ एएसआई गुरु प्रसाद यादव ने जांच में उलझाने का दबाव बनाया और मामला रफा-दफा करने के नाम पर 50,000 रुपये की मांग की। बातचीत के बाद कथित तौर पर 25,000 रुपये में ‘सौदा’ तय हुआ।
बताया जा रहा है कि गुरु प्रसाद यादव के तबादले के बाद भी रिश्वत की मांग खत्म नहीं हुई। नए चौकी प्रभारी उप निरीक्षक अब्दुल मुनाफ पर आरोप है कि उन्होंने पदभार संभालते ही ‘अधूरा सौदा’ पूरा करने की जिम्मेदारी ली और प्रार्थी को रकम लेकर चौकी बुलाया।
ACB का जाल और रंगे हाथों गिरफ्तारी
भ्रष्टाचार से परेशान होकर प्रार्थी ने ACB अंबिकापुर से संपर्क किया। ब्यूरो ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद ट्रैप की योजना बनाई।
निर्धारित रणनीति के तहत जैसे ही सत्येन्द्र प्रजापति ने चौकी में उप निरीक्षक अब्दुल मुनाफ को 25,000 रुपये दिए, पहले से घात लगाए बैठी ACB टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया।
पूछताछ और प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर एएसआई गुरु प्रसाद यादव को भी रिश्वत मांगने और साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया।
कानूनी कार्रवाई
आरोपी: उप निरीक्षक अब्दुल मुनाफ, सहायक उप निरीक्षक गुरु प्रसाद यादव
धाराएं: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 और धारा 12
स्थिति: दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर विधिक प्रक्रिया के तहत आगे की जांच जारी
ACB अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत विवेचना की जा रही है और यदि अन्य किसी की भूमिका सामने आती है तो कार्रवाई से इनकार नहीं किया जा सकता।
सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल
यह घटना कई अहम सवाल खड़े करती है—क्या शोकाकुल परिवारों को भी जांच के नाम पर डराने का चलन बढ़ रहा है? क्या निचले स्तर पर भ्रष्टाचार की जड़ें अब भी उतनी ही गहरी हैं?
हालांकि, ACB की त्वरित कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश माना जा रहा है। स्पष्ट संकेत है कि वर्दी की आड़ में अवैध वसूली करने वालों पर शिकंजा कसना तय है।

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
