
📍 स्थान: लखनपुर, जिला सरगुजा (छत्तीसगढ़)
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स्कूल छात्रों के बीच विवाद ने लिया गंभीर रूप, चार आरोपी गिरफ्तार
स्वामी आत्मानंद स्कूल की घटना से अभिभावकों में उबाल, पुलिस ने दर्ज किया अपराध
लखनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय के छात्रों के बीच मामूली विवाद ने बुधवार, 26 सितंबर को गंभीर रूप धारण कर लिया। यह मामला तब तूल पकड़ गया जब स्कूल से घर लौट रहे 12वीं कक्षा के छात्रों पर, उसी स्कूल के 10वीं कक्षा के एक छात्र और उसके साथियों ने रास्ता रोककर हमला कर दिया।

घटना का विवरण
मिली जानकारी के अनुसार, विशेष समुदाय से संबंध रखने वाले 12वीं कक्षा के छात्र जब स्कूल से घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे 10वीं के एक छात्र ने अपने समुदाय के अन्य साथियों को बुला लिया। इसके बाद सभी ने मिलकर इन छात्रों की बेरहमी से पिटाई कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों के अनुसार, हमले के दौरान हमलावर छात्र ने कथित रूप से कहा कि,
> “स्कूल में हीरो बनना है।”
यह बयान इस हमले की पूर्व नियोजित मंशा की ओर इशारा करता है।

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अभिभावकों का गुस्सा थाने पर फूटा
घटना की सूचना मिलते ही पीड़ित छात्रों के अभिभावक बड़ी संख्या में लखनपुर थाने पहुंच गए। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए थाने का घेराव किया।
अभिभावकों का कहना था कि यदि इस प्रकार की घटनाओं को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
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पुलिस की त्वरित कार्रवाई
जनता के आक्रोश और बढ़ते दबाव को देखते हुए लखनपुर पुलिस ने मामले को तुरंत संज्ञान में लिया।
पुलिस ने:
10वीं कक्षा के मुख्य आरोपी छात्र
और उसके तीन सहयोगियों के खिलाफ
एफआईआर दर्ज की है।
मामले में इंद्रजीत राजवाड़े, निवासी ग्राम राजपुरी, पिता आगर साय राजवाड़े (उम्र 40 वर्ष) द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 251(2), 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।
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क्षेत्र में तनाव, सुरक्षा बढ़ाई गई
घटना के बाद लखनपुर क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया है। स्कूल के बाहर और आस-पास के क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
लखनपुर थाना प्रभारी ने जानकारी देते हुए कहा:
> “मामले की गहनता से जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।”
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समाज में उठे सवाल
इस घटना ने न केवल छात्रों की सुरक्षा, बल्कि स्कूल प्रशासन की सतर्कता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग यह पूछ रहे हैं कि –
क्या स्कूल में आपसी तनाव को पहले से रोका जा सकता था?
क्या स्कूल के बाहर सुरक्षा पर्याप्त है?
और क्या समाज में बच्चों के बीच बढ़ती कटुता को लेकर कोई सामाजिक पहल जरूरी है?
लखनपुर की इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि स्कूलों में बढ़ती हिंसा और आपसी टकराव को गंभीरता से लेना होगा।
अब देखना यह है कि प्रशासनिक व्यवस्था, शिक्षण संस्थान, और समाज मिलकर कैसे इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकते हैं।
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🖊️ रिपोर्ट – तिल्दा टाइम्स CG न्यूज
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Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
